शहीद दिवस
30 जनवरी
शहीद दिवस हमें केवल इतिहास नहीं, मूल्यों की याद दिलाता है। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर यह सिखाया कि सत्य और अहिंसा केवल विचार नहीं, एक जिम्मेदारी है जिसे हर पीढ़ी को निभाना होता है।
विचार
महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं थे,
वे सत्य, अहिंसा और मानवता की जीवित चेतना थे।
आज शहीद दिवस पर उन्हें याद करना,
दरअसल अपने भीतर इंसानियत को जीवित रखना है।
३० जनवरी, २०२६
-प्रियंका सक्सेना 'जयपुरी'
(मौलिक व स्वरचित)
✍️ लेखिका के बारे में
प्रियंका सक्सेना ‘जयपुरी’ समकालीन हिंदी साहित्य में सक्रिय लेखिका हैं। वे कविता, ग़ज़ल, कहानी और विचारात्मक लेखन में रुचि रखती हैं। उनकी रचनाओं में मानवीय संवेदना, मौन के अर्थ, प्रेम की नाज़ुकता, जीवन की क्षणभंगुरता और रिश्तों की जटिल भावनाएँ सूक्ष्मता से उभरती हैं। पारंपरिक शिल्प को आधुनिक दृष्टि से जोड़ते हुए, वे शब्दों में सादगी और भावों में गहराई रचती हैं। उनकी रचनाओं में आत्मसंवाद, विरह और अस्तित्व के प्रश्न स्वाभाविक रूप से उभरते हैं, जो पाठक को भीतर तक छू जाते हैं।
“प्रियंका की कलम से” उनके साहित्यिक लेखन और भाव-अभिव्यक्ति का सजीव मंच है।
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