कड़वा अच्छा है - विचार
कड़वा अच्छा है
कड़वा सच ही बेहतर होता है।
कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे सच से रूबरू कराती है जो सुनने में कड़वा लगता है… लेकिन वही सच आगे चलकर हमारे लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
मीठे झूठ भले ही कुछ पल सुकून दें पर सच्चाई ही हमें सही रास्ता दिखाती है।
कभी-कभी ज़िंदगी हमें ऐसे सच से रूबरू कराती है जो सुनने में कड़वा लगता है… लेकिन वही सच आगे चलकर हमारे लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।
मीठे झूठ भले ही कुछ पल सुकून दें पर सच्चाई ही हमें सही रास्ता दिखाती है।
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| साफ़ बोलना अच्छा है भले ही कड़वा हो - एक सारगर्भित विचार |
विचार
“कड़वा अच्छा है…” क्योंकि कड़वा सच हमें धोखे से बचाता है जबकि मीठा झूठ अक्सर हमें एक झूठी दुनिया में उलझा देता है।
मन की बात
यह छोटा सा विचार हमें एक गहरी सीख देता है कि जीवन में सच्चाई को अपनाना हमेशा आसान नहीं होता। कई बार सच्चाई हमें चोट पहुंचाती है लेकिन वही चोट हमें मजबूत बनाती है। जो लोग हमें सच्चाई बताते हैं वे हमेशा हमारे हितैषी होते हैं भले ही उनकी बात उस समय कड़वी लगे। इसलिए जीवन में कड़वे सच को स्वीकार करना ही आगे बढ़ने का सही रास्ता है। चाशनी से भरपूर बातों से अच्छा है साफ़ बोला जाए भले ही सुनने में कड़वा लगे परन्तु वही स्वास्थ्य के लिए सही रहता है। ज़्यादा मीठे में कीड़े पड़ जाते हैं।
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- प्रियंका सक्सेना 'जयपुरी'

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