कड़वा अच्छा है - विचार
कड़वा अच्छा है
चाशनी से भरपूर बातों से अच्छा है साफ़ बोला जाये भले ही सुनने में कड़वा लगे परन्तु वही स्वास्थ्य के लिए सही रहता है। ज़्यादा मीठे में कीड़े पड़ जाते हैं।
![]() |
| साफ़ बोलना अच्छा है भले ही कड़वा हो - एक सारगर्भित विचार |
आपका क्या कहना है इस बारे में? अपनी राय कमेंट सेक्शन में साझा करिएगा ज़रूर।
ऐसे ही अन्य खूबसूरत विचार, कहानी, कविता, उपन्यास व लेखों के लिए पढ़ते रहिएगा
👉 प्रियंका की कलम से 🖋
- प्रियंका सक्सेना 'जयपुरी'
ऐसे ही अन्य खूबसूरत विचार, कहानी, कविता, उपन्यास व लेखों के लिए पढ़ते रहिएगा
👉 प्रियंका की कलम से 🖋
- प्रियंका सक्सेना 'जयपुरी'

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें