खाली गिलास - लघु कथा

 खाली गिलास

कभी-कभी घर की रौनक में ही कोई अपनों से दूर हो जाता है।
यह लघु कथा एक ऐसी सच्चाई को सामने लाती है, जहाँ उपेक्षा शब्दों से नहीं, हालातों से दिखाई देती है।
लघु कथा ‘खाली गिलास’ का हिंदी पोस्टर
एक खाली गिलास ने रिश्तों की सच्चाई उजागर कर दी — संवेदनाओं को झकझोर देने वाली लघु कथा।
क्या जाने-अनजाने में अपने ही अपनों की अनदेखी कर देते हैं? या बुज़ुर्गों का अपमान और प्रताड़ना बुढ़ापे में उनकी नियति बन जाती है? इस कहानी पर अपनी राय कमेंट में ज़रूर साझा करें।
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- प्रियंका सक्सेना 'जयपुरी'  

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