चेहरे की चमक असली है - लघु कथा
चेहरे की चमक असली है
कभी-कभी समाज बाहरी रूप से हमें आंकता है, पर असली पहचान हमारे कर्म और आत्मविश्वास से बनती है। यह लघु कथा उसी सच्चाई को उजागर करती है कि चमक चेहरे की नहीं, व्यक्तित्व की होती है।
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| रंग नहीं, आत्मविश्वास और सफलता ही चेहरे की असली चमक होती है — एक प्रेरणादायक लघु कथा। |
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- प्रियंका सक्सेना 'जयपुरी'

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